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June 16, 2021
Charis Journal

सपा ने कहा- कुछ गड़बड़ जरूर है, SIT जांच 7 दिन में पूरी नहीं हो पाई, 10 दिन का वक्त और मिला

इलाज के दौरान दिल्ली में पीड़ित की मौत हो गई थी, 14 सितंबर को हाथरस के बुलीगढ़ गांव में गैंगरेप की कथित घटना हुई थी

 

जांच टीम ने 100 से ज्यादा लोगों के बयान लिए,29 सितंबर को सरकार ने SIT बनाई थी

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप के मामले की जांच कर रही SIT सात दिन में जांच पूरी नहीं कर पाई। SIT को आज रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अब सरकार ने उसे 10 दिन का वक्त और दे दिया है। SIT की टीम आज लगातार दूसरे दिन पीड़ित के गांव पहुंची।

सपा प्रवक्ता ने जांच का समय बढ़ाने पर सवाल उठाए

अब इस मुद्दे पर सियासत शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने जांच का समय बढ़ाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार कोई भी काम तय समय में पूरा नहीं कर रही। सात दिन में जांच करने का समय दिया गया था। अब 10 दिन का समय और मांग रही है। इसका मतलब कोई गड़बड़ तो है।

100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज हुए
SIT जांच टीम में आईएएस अधिकारी भगवान स्वरूप के अलावा डीआईजी चंद्र प्रकाश और आईपीएस पूनम शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि SIT ने अपनी जांच के दौरान 100 से ज्यादा लोगों के बयान लिए हैं। इसमें पीड़ित के परिवार के अलावा आरोपियों‚ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के बयान भी शामिल हैं। इस मामले में कुछ और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं।

हाईकोर्ट में 12 अक्टूबर को सुनवाई होनी है

SIT की जांच का दायरा और समय यूं ही नहीं बढ़ाया गया, इसकी वजह है। जानकार बताते हैं कि SIT हाथरस मामले में PFI कनेक्शन और आरोपियों के पक्ष में बुलगढ़ी गांव में हो रही लामबंदी की जांच भी कर रही है। सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश भी की है। लेकिन अभी तक गृह मंत्रालय की तरफ से मंजूरी नहीं मिली है। इस बीच 12 अक्टूबर को हाईकोर्ट में इस केस में सुनवाई होनी है। मंगलवार को जिला जज की अगुवाई में न्यायिक टीम ने गांव पहुंचकर जांच की थी, जो अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजेगी।

जांच से जुड़े जानकारों का मानना है कि SIT जांच पूरी होने की जानकारी अगर यूपी सरकार हाईकोर्ट में देती है तो उसकी जांच और शैली पर हाईकोर्ट कोई सवाल उठाते हुए कार्रवाई के निर्देश दे सकता है। ऐसे में जांच जारी रहेगी और हाईकोर्ट कोई सवाल या कमेंट करता है तो SIT उसको भी जांच के दायरे में ले लेगी।

आप विधायक कुलदीप कुमार पर केस

गैंगरेप पीड़ित के परिवार से रविवार को मुलाकात करने पहुंचे आप विधायक कुलदीप कुमार के खिलाफ पुलिस ने महामारी एक्ट में केस दर्ज किया है। कुलदीप 29 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव आए थे। इस बारे में उन्होंने ट्वीट भी किया था। मंगलवार को प्रशासन ने जानकारी मिलने के बाद बुलगढ़ी गांव को सैनिटाइज करवाया। लोगों को मास्क भी बांटे गए। गांव के लोगों के सैंपल भी लिए गए। इससे पहले पीड़ित परिवार का सैंपल लिया चुका था। कुलदीप दिल्ली के कोंडली विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे बीते रविवार को आप सांसद संजय सिंह और तीन अन्य नेताओं के साथ हाथरस आए थे।

पीड़ित के भाई और आरोपी संदीप के बीच 100 से ज्यादा बार बातचीत हुई
हाथरस कांड में पुलिस ने पीड़ित के भाई और मुख्य आरोपी संदीप के बीच बातचीत को लेकर बड़ा खुलासा किया है। दावा है कि मुख्य आरोपी और पीड़ित के भाई के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 के बीच 104 बार करीब 5 घंटे तक बातचीत हुई है। ज्यादा कॉल चंदपा इलाके में स्थित सेल टॉवर से किए गए थे, जो पीड़िता के गांव बुलगढ़ी से 2 किमी दूर है। दोनों का घर महज 200 मीटर की दूरी पर है। जल्द ही पुलिस सीडीआर के आधार पर भी अपनी जांच करेगी। बताया गया कि पीड़िता के भाई के नाम से जारी मोबाइल नंबर परिजन यूज करते हैं।

क्या है पूरा मामला?

शिकायत के मुताबिक हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। यूपी सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में भी दोहराया कि दुष्कर्म नहीं हुआ था।

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1 comment

stornobrzinol June 4, 2021 at 12:46 PM

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