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September 20, 2021
Charis Journal

रोजगार के मोर्चे पर अब भी इंतजार,सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में सुधार

सेवा क्षेत्र के लिए सितंबर का महीना बेहतर रहा है. सूचकांक में 8 अंक का सुधार हुआ है. हालांकि अभी भी यह 50 अंक से नीचे है. सेवा क्षेत्र में आने वाला नया कारोबार कम है. दरअसल, कोरोना महामारी का इस क्षेत्र पर गहरा प्रभाव पड़ा है. इससे रोजगार का भी नुकसान हुआ है. एक मासिक सर्वेक्षण में मंगलवार को यह कहा गया.

भारत का सेवा व्यवसाय गतिविधि सूचकांक सितंबर माह में लगातार पांचवें महीने बढ़ता हुआ 49.8 अंक पर पहुंच गया जो कि अगस्त में 41.8 अंक पर था. हालांकि, यह लगातार सातवां महीना है, जब सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट रही है. आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) सूचकांक में 50 से ऊपर अंक रहना क्षेत्र में विस्तार को दिखाता है जबकि इससे नीचे रहने पर यह गिरावट को दर्शाता है.
पीटीआई के मुताबिक, IHS मार्किट में सहायक निदेशक, अर्थशास्त्र, पालियान्ना डे लिमा ने कहा कि लॉकडाउन में छूट दिए जाने से सितंबर माह में भारत में सेवा क्षेत्र को सुधार की तरफ लौटने में मदद मिली है. पीएमआई सर्वेक्षण में भाग लेने वालों ने व्यापक स्तर पर कारोबारी गतिविधियों में स्थायित्व आने और नये काम में हल्की गिरावट की बात कही है.
लिमा ने कहा कि पेरोल की संख्या में गिरावट आई है. लेकिन कई कंपनियों ने बताया है कि अतिरिक्त कर्मचारियों को लेने का प्रयास श्रमिकों की उपलब्धता की कमी होने की वजह से असफल रहा है. इस बीच, सेवाओं और विनिर्माण गतिविधियों का संयोजित पीएमआई उत्पादन सूचकांक सितंबर माह में बढ़कर 54.6 पर पहुंच गया जबकि अगस्त में यह 46 अंक पर ही था.
लिमा ने कहा कि विनिर्माण उद्योग के प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की बेहतर तस्वीर सामने आती है. सितंबर माह में पिछले छह माह में पहली बार निजी क्षेत्र का उत्पादन बढ़ा है. फरवरी के बाद पहली बार सितंबर में बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई.

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